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Sivana Durg Siwana Fort history Barmer Battle of Siwana

Sivana Durg Siwana Fort Barmer.

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Sivana Durg Siwana Fort Barmer.

This fort was built by Veer Narayan Panwar, son of Raja Bhoj, in the 10th Century, after which this fort came under the authority of Sonarga Chauhan.
Siwana’s Durg is 54 miles west of Jodhpur. In its east there is Nagaur, malani in the west, Pachpadra in the north and Jalore in the south. With it the mountain of haldeshwar is the highest, on which Siwana is a strong durg.

Durg has a glorious history of Siwana.

When Allauddin Khilji took possession of Gujarat and Malwa under his imperial policy, then he proceeded to take control of the fort of Rajputana situated between his victorious territories and on 2 July 1308 AD, to take control of Ranthambore and Chittod. Army sent to attack the fort. According to this policy, he took the Chittod and Ranthambhore in his possession

At that time, Veer Satladev or Seetaldev Chauhan had the right to the fort and his state was on the entire Barmer and he had good friendly relations with Solanki of Gujarat, and in whose eyes the fort was replaced by the enemy, instead of living a humiliating life, It was better to achieve the brave speed while protecting. The royal army put a circle around the fort, but the tall If the RNA had not succeeded in capturing this promiscuity fortification and reverse RNA overeating damage Sena hero Nahar with a number of soldiers to have lost their lives |

Battle of Siwana

Allauddin then surrounded the fort with a large army and surrounded the fort till the time of the end of the logistics of the fort, Satladev opened the doors of the fort along with his Rajput soldiers and attacked the royal army. The war should be achieved, and Allauddin had taken possession of it and the name of this fort was kept in Khairabad, and he has hereby subordinated to Eknalluddin. Employed According to Dr Mohanlal Gupta, Allauddin has mentioned this fort in Tarike Alai in this way: “Sevana Durg was situated between a terrible forest. The forest was full of wild men who used to loot passers-by. Between this forest, Kafir Satladev used to live like a Simur (a terrible and huge bird described in Persian Purana) and many thousands of his cousins ​​used to protect him like a hill vulture

who among following built the fort of siwana?
1.vir narain
2.dhara varsha
3.satal deva
4.akhairaja

Address Siwana Font Check :  Siwana, Rajasthan

सिवाना दुर्ग Siwana Fort Barmer.

इस दुर्ग का निर्माण राजा भोज के पुत्र वीर नारायण पंवार ने १० वि शताब्दी में करवाया था उसके बाद में ये दुर्ग सोनगरा चौहानों के अधिकार में आ गया
Siwana का Durg Jodhpur से 54 मील पश्चिम की ओर है। इसके पूर्व में नागौर, पश्चिम में malani, उत्तर में Pachpadra और दक्षिण में जालौर है।इसके साथ haldeshwar का पहाड़ सबसे ऊँचा है, जिस पर Siwana का सुदृढ़ Durg बना है।

Siwana के Durg का बड़ा गौरवशाली इतिहास है।

जब अल्लाउद्दीन खिलजी ने अपनी साम्राज्यवादी निति के तहत गुजरात और मालवा पर अधिकार कर लिया फिर वो अपने विजित प्रदेशो के मध्य स्थित राजपुताना के दुर्गो पर अधिकार करने की तरफ अग्रसर हुवा और उसने रणथम्भोर और चित्तोड पर अधिकार करने के उपरान् २ जुलाई १३०८ ईस्वी में सिवाना दुर्ग पर आक्रमण करने हेतु सेना भेजी| इस नीति के अनुसार उसने Chittod तथा Ranthambhore को अपने अधिकार में कर लिया

उस समय दुर्ग पर वीर सातलदेव अथवा सीतलदेव चौहान का अधिकार था और उसका राज्य क्षेत्र लगभग सम्पूर्ण बाड़मेर पर था और उसके गुजरात के सोलंकियो से अच्छे मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध थे और जिसकी दृष्टी में दुर्ग को शत्रु के हाथो सौपने के बाद अपमानजनक जीवन व्यतीत करने की बजाय दुर्ग की रक्षा करते हुवे वीर गति को प्राप्त करना ज्यादा बेहतर था |शाही सेना ने दुर्ग के चारो तरफ घेरा डाल दिया किन्तु लम्बे समय तक शाही सेना को इस अभेद दुर्ग पर अधिकार करने में सफलता प्राप्त नहीं हुई और उलटे शाही सेना को ज्यादा क्षति हुई अनेक सैनिको के साथ साथ सैना नायक नाहर खा को अपने प्राण गवाने पड़े|

Battle of Siwana युद्ध

तब स्वय अल्लाउद्दीन ने एक बड़ी सेना सहित इस दुर्ग के चारो तरफ घेरा डाला और लबे समय तक घेरा डालने से दुर्ग के भीतर की रसद समाप्त हो जाने के कारण सातलदेव ने अपने राजपूत सैनिको सहित दुर्ग के दरवाजे खोल कर शाही सेना पर आक्रमण कर दिया और युद्ध करते हुवे वीर गति को प्राप्त हुवे|तब अल्लाउद्दीन ने इस पर अधिकार कर लिया था और इस दुर्ग का नाम उसने खैराबाद रखा था और उसने यहाँ कमाल्लुद्दीन को सूबेदार नियुक्त किया| डा मोहनलाल गुप्ता के अनुसार अल्लाउद्दीन ने तारीखे अलाई में इस दुर्ग का उल्लेख इस प्रकार किया है “ सिवाना दुर्ग एक भयानक जंगल के बीच स्थित था | जंगल जंगली आदमियों से भरा हुवा था जो राहगीरों को लुट लेते थे | इस जंगल के बीच पहाड़ी पर काफिर सातलदेव एक सिमुर्ग ( फ़ारसी पुरानो में वर्णित एक भयानक और विशाल पक्षी) की भाँती रहता था और उसके कई हजार काफिर सरदार पहाड़ी गिद्धों की भाँती उसकी रक्षा करते थे|

निम्नलिखित में किसने सिवान का किला बनाया था?
1.विर ने कहा
2.dhara varsha
3.Satal deva
4.akhairaja

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