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On February 13, Mahashivaratri fast.

On February 13, Mahashivaratri fast.

On February 13, Mahashivaratri fast.

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Mahashivratri dedicated to the worship of Lord Shiva of Lord Shiva will be celebrated on 13th February. This year, due to the opinion of some astrologers, there is a situation of suspicion about the date of Mahashivaratri.

According to the Hindu calendar, the Chaturdashi of Krishna Prabhu of the Falgun Mass celebrates the festival of Mahashivratri. It is believed that on this day the marriage of Lord Shankar and Mata Parvati was completed and on this day the origin of the first Shivling was fulfilled. According to the legend of a mythological tradition of Shaiva Dharma tradition, Lord Shiva created the heavenly dance of protection and destruction on the night of Chaturdashi on the Krishna side of Phalgun Mas.

This auspicious coincidence on February 13, on Mahashivaratri fast

Those who will celebrate Mahashivaratri on 13th February, they will get the virtue of many vows together. The earliest coincidence is that after the midnight of 12th, the sun is being solstice. The sun will reach the Aquarius from Capricorn. This will be the anniversary of Sankranti on 13th day.

On February 13, the second biggest coincidence is that this day is Tuesday. Along with this it is the date of the trayadashi all day and the date of Chaturdashi is at 11.25 pm. In the event of Mangal and Triodshi, a combination of Bhum Pradosha fast is made. It is believed to provide fast health and child happiness. By fasting on Mahashivaratri on 13th February, even the fasting of Bhum Pradosh will also be received and also on Tuesday’s fast. That is, with the Shiva Hanumanji will also get grace.

13 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत।

देवों के महादेव भगवान शिव की आराधना को समर्पित महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी। इस साल कुछ ज्योतिषियों के मत के चलते महाशिवरात्रि की तिथि को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।

हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान शंकर एवं माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था और इसी दिन प्रथम शिवलिंग का प्राकट्य हुआ था। शैव धर्म परंपरा की एक पौराणिक के कथा अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात को भगवान शिव ने संरक्षण और विनाश के स्वर्गीय नृत्य का सृजन किया था।

13 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत पर यह शुभ संयोग

जो लोग 13 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करेंगे उन्हें एक साथ कई व्रतों का पुण्य प्राप्त होगा। सबसे पहला संयोग तो यह है कि 12 तारीख की मध्यरात्रि के बाद सूर्य संक्रांति हो रही है। सूर्य मकर से कुंभ राशि में पहुंचेंगे। इससे 13 तारीख को संक्रांति का पुण्यकाल रहेगा।

13 फरवरी को दूसरा सबसे बड़ा संयोग यह बना है कि इस दिन मंगलवार है। इसके साथ ही पूरे दिन त्रयोदशी तिथि है और रात 11 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि है। मंगल और त्रयोदशी के संयोग से भौम प्रदोष व्रत का संयोग बना हुआ है। यह व्रत आरोग्य और संतान सुख प्रदान करने वाला माना गया है। 13 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत करने से भौम प्रदोष के व्रत का भी पुण्य प्राप्त होगा और मंगलवार के व्रत का भी। यानी शिव के साथ हनुमान जी की भी कृपा प्राप्त होगी।

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